बाल श्रम: बचपन पर सबसे बड़ा अत्याचारजब किसी बच्चे के हाथों में किताब की जगह ईंट, औजार या बर्तन आ जाएं, तब यह केवल एक परिवार की मजबूरी नहीं बल्कि पूरे समाज की विफलता बन जाती है। बाल श्रम बच्चों के सपनों, शिक्षा और बचपन को छीन लेने वाली एक गंभीर सामाजिक समस्या है। जिस उम्र में बच्चों को स्कूल, खेल और अच्छे संस्कार मिलने चाहिए, उसी उम्र में लाखों बच्चे मजदूरी करने को मजबूर हैं।भारत जैसे विकासशील देश में...